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डेढ़ साल बाद भी तपोवन NTPC टनल से मिल रहे शव, अब तक 89 डेडबॉडी हो चुकी बरामद।

चमोली, उत्तराखंड (रैणी आपदा)

चमोली जनपद में  रैणी आपदा के एक साल बाद भी शवों के मिलने का सिलसिला जारी है. जोशीमठ में तपोवन बैराज इंटेक चैनल के मुहाने पर एक मानव खोपड़ी बरामद हुई हैं. कम्पनी की तरफ से मामले की जानकारी जोशीमठ पुलिस को दी गई. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है. आपदा के बाद से अब तक एनटीपीसी टनल से 89 शव बरामद हो चुके हैं.

चमोली जिले में सात फरवरी 2021 को जोशीमठ में ग्लेशियर फटने से ऋषि गंगा और धौली गंगा नदी में सैलाब आ गया था.

सैलाब में एनटीपीसी की निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना में काम कर रहे कई मजदूर लापता हो गए थे.

कई लोगों की मौत हो गई थी. कई लोग ऐसे भी जो लापता हैं.

सरकार लापता लोगों को मृत घोषित कर चुकी है, इसके साथ ही मुआवजा भी दिया जा चुका है.

तपोवन हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट धौलीगंगा नदी पर 520 मेगावाट क्षमता की परियोजना थी.

चमोली आपदा के दौरान तपोवन एचईपी में करीब 20 मीटर और बैराज गेट्स के पास 12 मीटर ऊंचाई तक मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर जमा हो गए थे.

प्रोजेक्ट को भी काफी नुकसान पहुंचा था.
आपदा में करीब 1,625 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था.

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