उत्तराखंड

10 साल पुराने विक्रमों के संचालकों को अंतिम नोटिस जारी, 31 मार्च तक ही आवेदन का मौका

राजधानी की सड़कों पर फर्राटा भर रहे 10 साल पुराने डीजल से चलने वाले विक्रमों के संचालकों को परिवहन विभाग ने अंतिम नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा है कि यदि 31 जनवरी तक विक्रम संचालक सीएनजी, पेट्रोल, बीएस-6 और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए आवेदन नहीं करते हैं तो उनकी जगह नए वाहन संचालकों को परमिट जारी कर दिए जाएंगे।

आरटीओ (प्रशासन) सुनील कुमार शर्मा ने चेतावनी दी है कि 31 मार्च के बाद किसी भी डीजल संचालित विक्रम को राजधानी में संचालन की अनुमति नहीं होगी। बता दें कि डीजल संचालित सभी विक्रमों को चरणबद्ध तरीके से बाहर किया जाना है।

संभागीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक में विक्रम संचालकों इस बात की मोहलत दी गई है कि पहले उन तमाम विक्रम संचालकों को प्राथमिकता के आधार पर परमिट जारी किए जाएंगे जो वर्तमान में वाहनों का संचालन कर रहे हैं। जिसके लिए 31 दिसंबर तक आवेदन करने की तिथि भी तय कर दी गई थी। लेकिन, अब भी तमाम ऐसे विक्रम संचालक हैं, जिन्होंने सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों के परमिट के लिए आवेदन नहीं किया है।

आरटीओ (प्रशासन) सुनील कुमार शर्मा का कहना है कि जिन 797 विक्रमों को सड़कों से बाहर किया जाना है। उनमें से 650 वाहनों के संचालकों ने सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों के परमिट के लिए आवेदन कर दिया है। जबकि अभी भी 147 ऐसे संचालक हैं, जिन्होंने आवेदन नहीं किया है। यदि इन विक्रम संचालकों ने 31 जनवरी तक नए परमिट के लिए आवेदन नहीं किया तो उनकी जगह नए संचालकों को परमिट जारी कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिन विक्रम वाहनों की उम्र 10 साल से कम है, उन्हें 31 दिसंबर के बाद संचालन की अनुमति नहीं होगी।

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