उत्तराखंड

10वीं के छात्र ने पिता की लाइसेंसी राइफल से खुद को मारी गोली, अस्पताल में भर्ती

10वीं के एक छात्र ने संदिग्ध परिस्थितियों में पिता की लाइसेंसी राइफल से खुद को गोली मार ली। आनन-फानन में घायल किशोर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर ऋषिकेश के एम्स अस्पताल रेफर कर दिया। छात्र स्कूल से आया था और खाना खाने के बाद खुद को गोली मार ली थी। किशोर ने खुद को गोली क्यों मारी इसका कारण पता नहीं चल पाया है।

एक रिटायर शिक्षक का इकलौता बेटा (16) स्कूल से घर लौटा और खाना खाने के बाद अपने कमरे में चला गया। इसी बीच परिवार के सदस्य अपने-अपने काम पर व्यस्त थे कि अचानक कमरे से गोली चलने की आवाज आई। परिजन बेटे के कमरे की तरफ दौड़े तो कमरे का दरवाजा बंद था। परिजन दरवाजा तोड़कर कमरे में गए तो देखा बेटे सीने के बायीं तरफ गोली लगी थी और वह खून से लथपथ था। परिजन बेटे को तत्काल जिला अस्पताल ले गए।

डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे हायर सेंटर ऋषिकेश एम्स रेफर कर दिया। वहीं कोतवाली के उपनिरीक्षक सोमवीर सिंह ने बताया कि एसडीएम मुक्ता मिश्रा ने किशोर के अस्पताल में बयान दर्ज किए हैं। किशोर ने पिता की 315 बोर की लाइसेंसी राइफल से खुद को गोली मारी है। घायल किशोर से बात की तो उसने आत्महत्या करने की कबूली। उसे बाद वह बेहोश हो गया था।

उठ रहे सवाल
16 वर्षीय किशोर की ओर से खुद को गोली मारने के मामले में कई सवाल खड़े हो गए हैं। पहला यह कि रिटायर शिक्षक को आखिरकार किस बात का डर था जो उन्होंने राइफल घर पर रखी। दूसरा यह कि किशोर ने आत्महत्या की कोशिश करने की बात पुलिस को बताई है। ऐसे में आशंका है कि घर में किसी बात को लेकर कलेश हुआ था।

किशोर ने आत्महत्या की कोशिश क्यों की यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। उसके पास कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। लाइसेंसी राइफल पुलिस ने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। – श्वेता चौबे, एसएसपी पौड़ी।

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