उत्तराखंड में मौसम का यू-टर्न: पहाड़ों पर भारी बर्फबारी, मैदानों में बारिश का अलर्ट।

उत्तराखंड, देहरादून।
उत्तराखंड में लंबे समय से चल रहा शुष्क मौसम का दौर आखिरकार खत्म हो गया है। सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण राज्य के ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी शुरू हो गई है, जबकि निचले इलाकों और मैदानी जिलों में झमाझम बारिश ने ठंड बढ़ा दी है।
प्रमुख जिलों का हाल: कहाँ क्या स्थिति है?
मौसम विभाग (IMD) ने आज के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बर्फबारी का सबसे ज्यादा असर निम्नलिखित जिलों में देखा जा रहा है:
उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग: केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धामों में बर्फ की मोटी चादर बिछ गई है। हेमकुंड साहिब और औली में भी सीजन की अच्छी बर्फबारी दर्ज की गई है, जिससे पर्यटन व्यवसायियों के चेहरे खिल उठे हैं।
पिथौरागढ़ और बागेश्वर: मुनस्यारी और धारचूला के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भारी हिमपात हो रहा है। धारचूला के व्यास घाटी में बर्फबारी के कारण संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं।
देहरादून (पर्वतीय क्षेत्र): मसूरी, धनोल्टी और चकराता में सीजन का पहला प्रमुख हिमपात हुआ है। सुबह से ही पर्यटकों की भारी भीड़ इन इलाकों की ओर रुख कर रही है।
नैनीताल और टिहरी: नैनीताल की ऊंची चोटियों (चाइना पीक) और टिहरी के धनोल्टी क्षेत्र में हल्की बर्फबारी के साथ शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है।
मैदानी इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि
हरिद्वार, उधम सिंह नगर और देहरादून के मैदानी इलाकों में सुबह से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि:
40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
कहीं-कहीं ओलावृष्टि (Hailstorm) और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है।
घने कोहरे के कारण दृश्यता (Visibility) 50 मीटर से भी कम रह सकती है।
विशेष नोट: 2,300 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी की चेतावनी है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करते समय सावधानी बरतें और मौसम की अपडेट लेते रहें।
आगामी पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, यह स्थिति अगले 48 घंटों तक बनी रह सकती है। 24 जनवरी की शाम से मौसम में कुछ सुधार होने की उम्मीद है, लेकिन कड़ाके की ठंड और ‘कोल्ड डे’ की स्थिति जारी रहेगी।




