उत्तराखंड

प्‍यार में ‘अंधी’ मां, मुस्लिम प्रेमी संग रहने को मासूम को बेंगलुरु स्टेशन पर छोड़ा, लव जिहाद की भी चर्चा

इंस्टाग्राम पर एक युवक से पुणे (महाराष्ट्र) निवासी महिला की बात शुरू हुई तो दोनों के बीच प्यार हो गया। प्यार का ऐसा रंग चढ़ा कि महिला चार साल के मासूम बेटे को बेंगलुरु रेलवे स्टेशन पर छोड़ महिला मुस्लिम प्रेमी के साथ गदरपुर आ गई।

महिला के पति की तहरीर पर मुंबई पुलिस ने शुक्रवार को दोनों को गदरपुर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपितों को मुंबई ले गई है। मजराशीला गदरपुर निवासी इरशाद हुसैन बेंगलुरु के एक सैलून में नाई था।

इंस्टाग्राम पर हुई दोस्‍ती

इंस्टाग्राम से उसकी दोस्ती पुणे (महाराष्ट्र) निवासी स्वाति पत्नी महादेव मोरे से हुई तो दोनों आपस में चैट करने लगे। धीरे-धीरे उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई। स्वाति का चार वर्षीय पुत्र सिवान महादेव भी है। जिसे लेकर वह बेंगलुरु आ गई और प्रेमी के साथ रहने लगी। प्रेमी के अपने घर गदरपुर चलने के लिए कहने पर वह इसके लिए तैयार हो गई।

बेंगलुरु रेलवे स्टेशन पर मासूम बच्चे को छोड़ ट्रेन से दोनों दिल्ली से गदरपुर आ गए। उधर, पत्नी के पुत्र के साथ गायब होने पर महादेव मोरे ने पूर्णा पुणे (महाराष्ट्र) थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। जांच-पड़ताल में इंटरनेट मीडिया से पुलिस को दोनों की दोस्ती का पता चला। यह भी कि इरशाद ऊधम सिंह नगर के गदरपुर का रहने वाला है। इस पर मुंबई पुलिस कांस्टेबल रानी व सोनम के साथ यहां पहुंची।

इरशाद हुसैन के घर पर दबिश दे स्वाति को बरामद कर लिया

शुक्रवार को थाने में आमद दर्ज करा थानाध्यक्ष राजेश पांडे के निर्देश पर संयुक्त टीम ने ग्राम मजराशीला में इरशाद हुसैन के घर पर दबिश दे स्वाति को बरामद कर लिया। जबकि इरशाद घर से फरार हो गया।

करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद सामाजिक कार्यकर्ता साबिर हुसैन की मदद से गिरफ्तार कर पुलिस उसे थाने ले आई। वहां पूछताछ में दोनों ने पुलिस को चार वर्षीय मासूम लावारिस हालत में छोड़ने की जानकारी दी। दोनों के बयान दर्ज करने के बाद मुंबई पुलिस उन्हें पुणे ले गई।

मामला कहीं लव जेहाद का तो नहीं

इस प्रकरण की चर्चा नगर में पूरे दिन रही। वहीं, अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के प्रांत अध्यक्ष डा. आरके महाजन ने पुलिस से प्रत्येक पहलू से जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यह प्रकरण लव जिहाद का भी हो सकता है। बच्चे अपने लोगों के बीच हंसी का पात्र बनने के भय से बच्चे को बेंगलुरु में लावारिस छोड़ने में इरशाद की साजिश भी हो सकती है।

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