उत्तराखंड

सीएससी में फर्जी दस्तावेज से आधार कार्ड अपडेट करने के धंधे का भंडाफोड़, दो आरापी गिरफ्तार

देहरादून में सेलाकुई के एक कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) में फर्जी दस्तावेज से आधार कार्ड अपडेट करने के धंधे का एसटीएफ ने भंडाफोड़ किया है। मौके से संचालक समेत दो आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। ये लोग ज्यादातर कम उम्र के मजदूरों के जन्म प्रमाण पत्र बनाकर आधार कार्ड अपडेट करते थे ताकि उनकी उम्र मजदूरी करने लायक दर्शाई जा सके। इनके आका बिहार और झारखंड में बैठे हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए भी एसटीएफ ने प्रयास शुरू कर दिए हैं।बुधवार को एसटीएफ के एसएसपी आयुष अग्रवाल ने पत्रकार वार्ता में औद्योगिक क्षेत्र सेलाकुई में चल रहे इस धंधे पर हुई कार्रवाई का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि एसटीएफ ने पिछले दिनों ऋषिकेश में भी इसी तरह सीएससी में चल रहे धंधे का भंडाफोड़ किया था। इस मामले की जांच भी एसटीएफ ही कर रही है। इस बीच पता चला कि सेलाकुई में कुछ लोग आधार कार्ड को गलत तरीके से अपडेट कर रहे हैं। इसकी तस्दीक के लिए एक सीएससी पर छापा मारा गया। एसटीएफ की टीम को वहां बहुत से जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड मिले। इनके बारे में पूछने पर संचालक वाजिब जवाब नहीं दे पाया।

जरूरी पूछताछ के बाद दो आरोपियों इदरीश खान निवासी छतेनी, अरेली, गिनाही, शाहजहांपुर और रोहिल मलिक निवासी जनमपुर, सेलाकुई को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों ने पूछताछ में बताया कि सेलाकुई में बड़ी संख्या में बाहर से मजदूर काम करने आते हैं। लेकिन, इनमें से बहुत की उम्र कम रहती है और वे उद्योगों में काम नहीं कर सकते हैं। लिहाजा आधार कार्ड में उनकी उम्र बढ़ा दी जाती है। इसके लिए पहले एक वेबसाइट के माध्यम से उनकी उम्र में बदलाव किया जाता है। इस प्रमाण पत्र से आधार कार्ड में भी उम्र बदल दी जाती है। एसएसपी ने बताया कि दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

बिहार में बैठे आरोपियों के आकाओं ने तैयार कराई वेबसाइट

पूछताछ में पता चला है कि आरोपियों के आका बिहार और झारखंड में हैं। उन्हीं के कहने पर वे आधार कार्ड में अपडेट करते हैं। जिस वेबसाइट पर जन्म प्रमाण पत्र बनाए जाते हैं, वह भी इन्होंने ही तैयार कराई है। जिस व्यक्ति का प्रमाण पत्र बनाया जाता है, उसकी इस वेबसाइट पर डिटेल अपलोड की जाती है। इसमें फिर शहर का नाम, अस्पताल का नाम आदि आते हैं। इन्हीं पर डिटेल भरकर जन्म प्रमाण पत्र तैयार कर लिया जाता है। यह प्रमाणपत्र हूबहू असली जैसा होता है।

500 से 1000 रुपये में कर देते हैं आधार कार्ड अपडेट
एसएसपी ने बताया कि इस सेंटर पर आधार कार्ड फर्जी नहीं बनाए जाते हैं बल्कि अपडेट किया जाता है। इसके लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किया जाता है। आरोपी इस काम के लिए मजदूरों से 500 से 1000 रुपये वसूल करते हैं। बताया जा रहा है कि इन्होंने अब तक हजारों लोगों के आधार कार्ड अपडेट किए हैं। 26 लोगों के आधार कार्ड यहां से बरामद भी हुए हैं। इनके बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

एयरटेल पेमेंट बैंक और अस्पतालों की मुहर भी मिली
मौके से एसटीएफ की टीम को एयरटेल पेमेंट बैंक की मुहर भी मिली है। इसके अलावा विभिन्न अस्पतालों की मुहरें भी आरोपी इस्तेमाल कर रहे थे। इनका इस्तेमाल जरूरी शुल्क वसूलकर रिसीविंग देने के लिए किया जाता है। जबकि, अस्पतालों की मुहर प्रमाणपत्रों पर लगाई जाती है।

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