उत्तराखंड

विंटर सीजन से पहले मसूरी को संवारने की तैयारी में जुटा प्रशासन, मंत्री ने दिए कड़े निर्देश

विंटर सीज़न से पहले मसूरी में सभी मूलभूत सुविधाएं दुरुस्त करने के निर्देश : कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी

280 आपदा प्रभावितों को वितरित की गई राहत सामग्री, देहरादून–मसूरी मार्ग के पुनर्निर्माण कार्यों का भी लिया जायजा

मसूरी, 26 सितंबर।
उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी ने मसूरी के गांधी चौक स्थित हवा घर में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को विंटर सीज़न से पहले सभी बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। बैठक में लोक निर्माण विभाग, पेयजल निगम, जल संस्थान, वन विभाग और एमडीडीए के अधिकारी मौजूद रहे।

मंत्री जोशी ने कहा कि हाल ही में आई आपदा के चलते सड़कों, पेयजल, विद्युत, सीवर लाइन आदि मूलभूत ढांचे को नुकसान पहुंचा है, जिसे अक्टूबर के पहले सप्ताह तक हर हाल में दुरुस्त किया जाए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और जनसुविधाओं की बहाली को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

जल संकट को लेकर भी दिए कड़े निर्देश

मंत्री ने मसूरी में पेयजल संकट को गंभीरता से लेते हुए जल संस्थान व पेयजल निगम को पाइपलाइन की शीघ्र मरम्मत एवं नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

280 आपदा प्रभावितों को राहत किट वितरित

बैठक के उपरांत मंत्री गणेश जोशी ने करीब 280 पटरी व्यापारियों एवं आपदा प्रभावितों को राशन किट वितरित की। इस मानवीय पहल से स्थानीय जनसमूह ने राहत महसूस की और मंत्री के प्रयासों की सराहना की।

देहरादून–मसूरी मार्ग का स्थलीय निरीक्षण

मसूरी से लौटते समय मंत्री ने अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त देहरादून–मसूरी मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को युद्ध स्तर पर पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि “मार्ग की मरम्मत पर्यटन और स्थानीय आवागमन के लिए बेहद आवश्यक है।”

एबीवीपी प्रत्याशियों से की भेंट

मंत्री ने मसूरी में एबीवीपी के नव-निर्वाचित छात्र नेताओं से भी भेंट की और उन्हें उनकी जीत पर शुभकामनाएं दीं।

उपस्थित रहे कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी

इस मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी, भाजपा मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल, मोहन पेटवाल, सतीश ढौंडियाल, आशीष राणा, अरविन्द सेमवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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