उत्तराखंडराजनीति

राज्य स्थापना दिवस के कार्यक्रम में दून पहुँचे गृह मंत्री शाह,कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखा कर स्वागत किया आज।

देहरादून।

उत्तराखंड के राज्य स्थापना दिवस पर देहरादून में आयोजित कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आगमन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा पोस्टर फाड़ने और काले झंडे दिखाने की इस घटना ने प्रदेश की राजनीति में सरगर्मी बढ़ा दी है। इस विरोध प्रदर्शन के पीछे मुख्य स्वर अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर न्याय की मांग और सरकार पर लगातार खड़े किए जा रहे सवाल हैं, जिसे लेकर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का आक्रोश खुलकर सामने आया है।
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कांग्रेस नेता एडवोकेट सन्दीप चमोली ने कहा जब तक पहाड़ की बेटी को न्याय नहीं मिलता, तब तक विरोध की यह आग बुझेगी नहीं—नुकसान सिर्फ कागजी पोस्टरों का नहीं, बल्कि उस जन-आक्रोश का है जो अब और चुप रहने को तैयार नहीं है! साथ ही चमोली ने कहा
आज देहरादून की सड़कों पर उतरा जन-आक्रोश चीख-चीखकर सरकार से पूछ रहा है—”अंकिता को न्याय कब मिलेगा?”इसी विरोध के चलते कांग्रेस कार्यकर्ताओं और युवा नेताओं द्वारा दिखाए गए काले झंडे और फटे हुए पोस्टर सिर्फ एक विरोध भर नहीं हैं, बल्कि यह उस व्यवस्था के खिलाफ पहाड़ के स्वाभिमान की हुंकार है जो इतने महीनों बाद भी अपराधियों को पूरी तरह बेनकाब करने में नाकाम साबित हुई है। सरकार चाहे जितने दावे कर ले, लेकिन जब तक पहाड़ की बेटी को संपूर्ण न्याय नहीं मिल जाता, तब तक न तो युवाओं के कदम रुकेंगे और न ही यह संघर्ष थमेगा। पहाड़वासी न कभी अन्याय के आगे झुके हैं और न ही अपना स्वाभिमान बिकने देंगे। यह लड़ाई अब सिर्फ एक मामले की नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड के सम्मान और इंसाफ की है—जो आखिरी दम तक जारी रहेगी!
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