
देहरादून।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता हनी पाठक ने सीमांत जिलों में कैबिनेट बैठक पर कांग्रेस के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि सीमांत में सरकार की मौजूदगी से कांग्रेस को परेशानी हो रही है, जबकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार सीमांत गांवों को विकास, कनेक्टिविटी और आजीविका से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। हनी पाठक ने बताया कि केंद्र के वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड के 51 गांवों सहित उत्तरी सीमा के 662 गांवों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार पर प्राथमिकता से काम जारी है, जिसके अंतर्गत प्रदेश में 152 परियोजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं और ‘स्वस्थ सीमा अभियान’ के माध्यम से पिथौरागढ़, चमोली व उत्तरकाशी के 108 गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ की जा रही हैं। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि सीमांत क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और ₹2,513.35 करोड़ की लागत से बनने वाली 112 सड़कों व 35 ब्रिजों से हो रहे बदलाव पर वह बेबुनियाद बयानबाजी करने के बजाय अपने कार्यकाल का हिसाब जनता को दे, क्योंकि भाजपा सरकार के लिए सीमांत क्षेत्र कोई राजनीतिक पर्यटन स्थल नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और प्रदेश की मजबूती का आधार हैं।




