टिहरी विकास प्राधिकरण की प्रशासनिक कसावट और पारदर्शी कार्यशैली से संवरती देवभूमि की तस्वीर।

टिहरी, गढ़वाल।
किसी भी विकास प्राधिकरण की सफलता उसके नेतृत्व की दृष्टि, प्रशासनिक इच्छाशक्ति और पारदर्शिता पर निर्भर करती है। लंबे समय तक सुस्ती और लालफीताशाही में उलझे टिहरी विकास प्राधिकरण (TDDA) में हाल के महीनों में आई क्रांति इसका जीता-जागता उदाहरण है। उपाध्यक्ष दिनेश प्रताप सिंह के पदभार ग्रहण करने के बाद से प्राधिकरण की न केवल साख बदली है, बल्कि कार्यसंस्कृति में भी अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिला है।
प्रशासनिक कसावट और अधिकारियों का फेरबदल
दिनेश प्रताप सिंह के कमान संभालते ही सबसे पहला प्रहार उन पुरानी व्यवस्थाओं पर हुआ जो विकास की गति को धीमा कर रही थीं। प्रशासनिक कसावट लाते हुए जहाँ एक ओर निष्क्रिय व लापरवाह कर्मचारियों के तबादले किए गए, वहीं योग्य व पारदर्शी छवि वाले कर्मियों को जवाबदेही सौंपी गई। इस फेरबदल ने कर्मचारियों में यह स्पष्ट संदेश दिया कि अब केवल परिणाम और ईमानदारी ही सेवा का एकमात्र पैमाना होगी।
भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
प्राधिकरणों में प्रायः अवैध निर्माणों को संरक्षण देने और फाइलों को अटकाने जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं। उपाध्यक्ष ने पद संभालते ही ‘जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन’ की नीति लागू की:
- अवैध प्लॉटिंग और बिना नक्शा पास कराए हो रहे निर्माणों पर त्वरित कार्रवाई की गई।
- शिकायतों के निस्तारण के लिए एक पारदर्शी प्रक्रिया विकसित की गई, जिससे बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त हो गई।
- भ्रष्ट आचरण में लिप्त तत्वों पर की गई सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाइयों ने प्राधिकरण के प्रति आम जनता का विश्वास पुनर्जीवित किया है।
योजनाबद्ध विकास से बदलती टिहरी की तस्वीर
टिहरी झील और उसके आसपास का क्षेत्र उत्तराखंड में पर्यटन की अपार संभावनाओं का केंद्र है। नए नेतृत्व के तहत टिहरी को विश्वस्तरीय टूरिज्म हब बनाने की दिशा में तेजी से काम शुरू हुआ है:
- पर्यटन अधसंरचना में सुधार: झील क्षेत्र में एडवेंचर स्पोर्ट्स, वॉटर एक्टिविटीज और फ्लोटिंग कैफे जैसी आधुनिक सुविधाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है।
- सुगम एवं पारदर्शी स्वीकृतियां: आम जनता और निवेशकों के लिए नक्शा स्वीकृति की प्रक्रिया को सुलभ और समयबद्ध बनाया गया है।
- सुंदरीकरण और स्वच्छता: झील तटवर्ती क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण और पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए नई विकास योजनाओं का खाका खींचा गया है।
एक नई उम्मीद का उदय
अक्सर किसी विभाग की पुरानी छवि को बदलना आसान नहीं होता, लेकिन जब नेतृत्व के पास स्पष्ट विज़न हो, तो परिवर्तन संभव है। उपाध्यक्ष दिनेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में टिहरी विकास प्राधिकरण आज “जन-केंद्रित और पारदर्शी विकास” का नया मॉडल बनकर उभर रहा है। सख्त प्रशासनिक फैसलों, भ्रष्टाचार पर नकेल और विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने की इस तेजी ने स्थानीय निवासियों और पर्यटन कारोबारियों में एक नई उम्मीद जगाई है। यदि यही गति और निष्ठा बरकरार रही, तो टिहरी देश के नक्शे पर एक मिसाली पर्यटन और नियोजित विकास के केंद्र के रूप में स्थापित होगी।




